Wednesday, January 2, 2013

जल का बपतिस्‍मा



बपतिस्‍मा का अर्थ है (1) प्रभु यीशु मसीह की मृत्‍यु एवं पुनुरुत्‍थान में प्रतिरूपक रीति सहभागी से होना (रोम. 6: 1-5), (2) पुराने पाप का जीवन का अन्‍त और मसीह मे नए जीवन का प्रारम्‍भ को दर्शाना (रोम 6:4) (3) मसीह यीशु को धारण करना (गल. 3:27) (4) मसीह का शिष्‍य बनने का प्रथम कदम लेना (मत्ति 28:19)
केवल पापों से मन फिराने वाले और विश्‍वास करने वाले व्‍यक्ति ही पिता, पुत्र, और पवित्रात्‍मा के नाम में बपतिस्‍मा ले सकते है (मरकुस 16:16; मत्ति 28:19)।
बपतिस्‍मा प्रभु यीशु मसीह की आज्ञा है और यह शिष्‍यता के लिए अनिवार्य है। बपतिस्‍मा नही लेने वाले व्‍यक्ति परमेश्‍वर की मनसा को अपने विषय में टाल देते हैं (लूका 7:30)। ऐसे व्‍यक्ति पवित्रात्‍मा का अभिषेक में नही चल पाएंगे (प्रेरित 19:1-7; 10:45-48)।
बपतिस्‍मायुनानी शब्‍द बपतीजोसे आता है जिसका अर्थ है डुबाना। इस शब्‍द का प्रयोग बर्तनों या कपडों को डुबो कर धोने के लिए किया जाता था। जल का बपतिस्‍मा में बपतिस्‍मा लेने वाले को जल में पूरी रीति से डुबाके निकाला जाता है, जो मसीह में पाप के लिए मर जाना और धार्मिकता के लिए जी उठने को दर्शाता है। बपतिस्‍मा पिता, पुत्र, और पवित्रात्‍मा के नाम में दिया जाता है। 

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